hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kiran K
kam-zarf duniya se bhala darna hi kya ai zindagi
kam-zarf duniya se bhala darna hi kya ai zindagi | कम-ज़र्फ़ दुनिया से भला डरना ही क्या ऐ ज़िंदगी
- Kiran K
कम-ज़र्फ़
दुनिया
से
भला
डरना
ही
क्या
ऐ
ज़िंदगी
जब
साथ
है
माँ
की
निगाहों
की
मुकद्दस
आयतें
- Kiran K
Download Sher Image
मंज़र
बना
हुआ
हूँ
नज़ारे
के
साथ
मैं
कितनी
नज़र
मिलाऊँ
सितारे
के
साथ
मैं
दरिया
से
एक
घूँट
उठाने
के
वास्ते
भागा
हूँ
कितनी
दूर
किनारे
के
साथ
मैं
Read Full
Khalid Sajjad
Send
Download Image
22 Likes
साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
Read Full
Ashu Mishra
Send
Download Image
37 Likes
अभी
तो
जाग
रहे
हैं
चराग़
राहों
के
अभी
है
दूर
सहर
थोड़ी
दूर
साथ
चलो
Ahmad Faraz
Send
Download Image
31 Likes
अच्छी
बुरी
हर
इक
कमी
के
साथ
हैं
हम
यार
आँखों
की
नमी
के
साथ
हैं
दो
जिस्म
ब्याहे
जा
रहे
हैं
आज
भी
हम
सब
पराए
आदमी
के
साथ
हैं
Read Full
Neeraj Neer
Send
Download Image
28 Likes
बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
Send
Download Image
28 Likes
सात
टुकड़े
हुए
मेरे
दिल
के
एक
हफ़्ता
लगा
सँभलने
में
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
34 Likes
शर्तें
लगाई
जाती
नहीं
दोस्ती
के
साथ
कीजे
मुझे
क़ुबूल
मिरी
हर
कमी
के
साथ
Waseem Barelvi
Send
Download Image
83 Likes
रात
हो,
चाँद
हो,
बारिश
भी
हो
और
तुम
भी
हो
ऐसा
मुमकिन
ही
नहीं
है
कि
कभी
हो
मिरे
साथ
Faiz Ahmad
Send
Download Image
7 Likes
क्यूँँ
चलते
चलते
रुक
गए
वीरान
रास्तो
तन्हा
हूँ
आज
मैं
ज़रा
घर
तक
तो
साथ
दो
Adil Mansuri
Send
Download Image
26 Likes
तुम
अगर
साथ
देने
का
वा'दा
करो
मैं
यूँँही
मस्त
नग़्में
लुटाता
रहूँ
तुम
मुझे
देख
कर
मुस्कुराती
रहो
मैं
तुम्हें
देख
कर
गीत
गाता
रहूँ
Read Full
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
75 Likes
Read More
बड़ी
ग़मगीन
थीं
आँखें
फ़िराक़-ए-यार
में
लेकिन
ख़्याल-ए-वस्ल
से
फिर
शाम
रंगीं
हो
गई
मेरी
Read Full
Kiran K
Send
Download Image
1 Like
बाद
मुद्दत
के
तस्वीर
तेरी
मिली
ज़ख़्म
यादों
के
फिर
से
महकने
लगे
Kiran K
Send
Download Image
2 Likes
मिटी
जा
रही
है
ये
दुनिया
मुसलसल
ये
ऐसी
वबा
है
दवा-साज़
तू
क्यूँ
बनाता
नहीं
है
दवा-ए-उदासी
Kiran K
Send
Download Image
2 Likes
एक
तहरीर
जो
उस
ने
लिक्खी
थी
वो
ख़ुशबू
बन
दिल
पे
छाई
रही
रात
भर
Kiran K
Send
Download Image
1 Like
हमको
ख़त
उनके
मिल
रहे
हैं
अब
हर
तरफ़
फूल
खिल
रहे
हैं
अब
हम
बुलन्दी
पे
ख़ुद
को
ले
आए
लोग
झुक
झुक
के
मिल
रहे
हैं
अब
गुल
कभी
ख़्वाब
में
दिखा
था
इक
ज़ख़्म
पलकों
पे
खिल
रहे
हैं
अब
जब
'किरण'
बात
हक़
की
आई
तो
लोग
होंटों
को
सिल
रहे
हैं
अब
Read Full
Kiran K
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Happy New Year Shayari
Bewafai Shayari
Khuddari Shayari
War Shayari
Judai Shayari