har koi apne ghar palat gaya hai | हर कोई अपने घर पलट गया है

  - Khurram Afaq
हरकोईअपनेघरपलटगयाहै
मसअलाख़ैरसेनिमटगयाहै
कानमानूसहोतेजाएँगे
औरलगेगाकिशोरघटगयाहै
वोभीख़ामोशहोगयामैंभी
यूँँलगाजैसेफ़ोनकटगयाहै
इकक़दममैंनेआगेक्यारखा
दोक़दमकोईपीछेहटगयाहै
हाथआँखोंपेरखकेचलतेहैं
रास्ताअबतोइतनारटगयाहै
  - Khurram Afaq
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