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Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
jise samjha bahut achha wahin kitna bura niklaa
jise samjha bahut achha wahin kitna bura niklaa | जिसे समझा बहुत अच्छा वहीं कितना बुरा निकला
- Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
जिसे
समझा
बहुत
अच्छा
वहीं
कितना
बुरा
निकला
मेरा
ही
यार
हाथों
में
लिए
कट्टा
छुरा
निकला
- Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
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तेरी
ख़ुशियों
का
सबब
यार
कोई
और
है
ना
दोस्ती
मुझ
सेे
है
और
प्यार
कोई
और
है
ना
Ali Zaryoun
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गर
रो
रहा
हूँ
मैं
तो
कमज़ोर
मत
समझना
ये
रोना
है
बनाता
मज़बूत
यार
मुझको
NISHKARSH AGGARWAL
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यार
सब
जम्अ'
हुए
रात
की
ख़ामोशी
में
कोई
रो
कर
तो
कोई
बाल
बना
कर
आया
Ahmad Mushtaq
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खुशियाँ
उसी
के
साथ
हैं
जो
ग़म
गुसार
है
ऐसे
हरेक
शख़्स
ही
दुनिया
का
यार
है
Sunny Seher
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बात
से
बात
बनेगी
तू
कभी
बात
तो
कर
आ
ज़रा
पास
मिरे
यार
मुलाक़ात
तो
कर
पूछ
तू
भी
तो
कभी
हाल
हमारे
दिल
का
हाल
से
हाल
मिलाने
की
शुरूआत
तो
कर
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shaan manral
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तन्हाई
ये
तंज
करे
है
तन्हा
क्यूँ
है
यार
कहाँ
है
आगे
पीछे
चलने
वाले
Vishal Singh Tabish
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मकाँ
तो
है
नहीं
जो
खींच
दें
दीवार
इस
दिल
में
कोई
दूजा
नहीं
रह
पाएगा
अब
यार
इस
दिल
में
जहाँ
भर
में
लुटाते
फिर
रहे
है
कम
नहीं
होता
तुम्हारे
वास्ते
इतना
रखा
था
प्यार
इस
दिल
में
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Bhaskar Shukla
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और
फिर
लोग
यही
कहते
फिरेंगे
इक
दिन
यार
कल
ही
तो
मेरी
बात
हुई
थी
उस
सेे
Saad Ahmad
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उसके
झुमके
की
बात
क्या
कीजे
उसकी
बातें
भी
यार
गहना
हैं
Gaurav Singh
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अच्छी
बुरी
हर
इक
कमी
के
साथ
हैं
हम
यार
आँखों
की
नमी
के
साथ
हैं
दो
जिस्म
ब्याहे
जा
रहे
हैं
आज
भी
हम
सब
पराए
आदमी
के
साथ
हैं
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Neeraj Neer
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नया
इक
घर
बनाना
चाहता
हूँ
जहाँ
तुझको
बसाना
चाहता
हूँ
तुझे
दिल
के
बहुत
ही
पास
रखकर
तुझे
हर
ग़म
दिखाना
चाहता
हूँ
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Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
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कभी
फुटपाथ
पर
कोई
न
सोए
मैं
"उज्ज्वल"
आशियाना
चाहता
हूँ
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
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पिता
के
कांध
पर
राजा
सा
बैठा
वहीं
बचपन
सुहाना
चाहता
हूँ
वो
दादी
की
कहानी
रात
वाली
उसी
में
लौट
जाना
चाहता
हूँ
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Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
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हमारा
दिल
भला
अब
क्या
लगेगा
हमारा
दिल
तो
तुम
सेे
लग
चुका
है
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
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पढ़ाई
में
नहीं
लगता
है
जानाँ
हमारा
दिल
तो
तुम
सेे
लग
चुका
है
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
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