सुरूर-ओ-कैफ़हैकुछलज़्ज़त-ए-बक़ातोनहीं
येइब्तिदाकीहक़ीक़तहैइंतिहातोनहीं
सितारेतीरनिगाहोंसेदेखतेक्यूँँहैं
मिराजुनूँकोईमेरेलिएबलातोनहीं
फ़रेबखाएनक्यूँँकरकिसीकासादादिल
ज़माना-साज़निगाहोंसेआश्नातोनहीं
कहींगिरीतोहैबिजलीज़रानज़रकीजे
किसीग़रीबकीपलटीहुईदु'आतोनहीं
हज़ारबारख़िज़ाँसेबहारटकराई
चमनकाराज़मगरआजतकखुलातोनहीं
मिज़ाज-ए-हुस्नमुकद्दरहैक्यूँँख़ुदाजाने
इसआइनेमेंकोईबालआगयातोनहीं
हुजूम-ए-नाज़मेंजल्वा-फ़रेबियोंकेसिवा
'कलीम'औरकोईहादिसाहुआतोनहीं