इंक़िलाब-ए-दहररुकरुककरजवाँबनतागया
जोसुबुक-सरथावहीसंग-ए-गराँबनतागया
नग़्मा-ए-दिलजबबढ़ाआह-ओ-फ़ुग़ाँबनतागया
आसमाँइकऔरज़ेर-ए-आसमाँबनतागया
जानेक्याभरदीहैंउसनेइसचमनमेंशोख़ियाँ
जोभीआयावोचमनकाराज़-दाँबनतागया
हर-नफ़सकोअपनीमंज़िलकापतामिलतानहीं
जोजहाँठहरावहैंइककारवाँबनतागया
सर्दआहोंकातसर्रुफ़होतोसोज़-ए-दिलकहाँ
दिलसेजोशो'लाउठावोभीधुआँबनतागया
बे-सबबहोतानहींजज़्बात-ए-दिलकावलवला
जिसनेसमझाआईअपनाराज़-दाँबनतागया
कुछबहारोंमेंख़िज़ाँहैकुछख़िज़ाँमेंहैबहार
फूलमुरझाएतोग़ुंचागुलिस्ताँबनतागया
आदमीकीअसलियतकोआदमीसमझानहीं
एकक़तराथाजोबहर-ए-बे-कराँबनतागया
हमतोबैठेहीरहेअपनीअसीरीकोलिए
बननेवालाकामबे-वहम-ओ-गुमाँबनतागया
'मीर'-ओ-'ग़ालिब'सेबढ़ेतोहज़रत-ए-इक़बालतक
शग़्लशेर-ओ-शायरीकाजावेदाँबनतागया
दहरमेंयेभीतोहैंक़ानून-ए-फ़ितरतकेउसूल
जोनज़रसेगिरगयावोदिलसेिताँबनतागया
बर्क़कीसर-गरमियाँतसनीमफिरभीऐ'कलीम'
बिजलियाँगिरतीरहेंऔरआशियाँबनतागया