talkhiyaan is men bahut kuchh hain mazaa kuchh bhi nahin | तल्ख़ियाँ इस में बहुत कुछ हैं मज़ा कुछ भी नहीं

  - Kaleem Aajiz
तल्ख़ियाँइसमेंबहुतकुछहैंमज़ाकुछभीनहीं
ज़िंदगीदर्द-ए-मोहब्बतकेसिवाकुछभीनहीं
शम्अ'ख़ामोशभीरहतेहुएख़ामोशकहाँ
इसतरहकहदियासबकुछकिकहाकुछभीनहीं
हमगदायान-ए-मोहब्बतकायहीसबकुछहै
गरचेदुनियायहीकहतीहैवफ़ाकुछभीनहीं
येनयातर्ज़-ए-करमहैतिराफ़स्ल-ए-बहार
लेलियापासमेंजोकुछथादियाकुछभीनहीं
हमकोमा'लूमथापहलेयेआईन-ए-जहाँ
उसकोदेतेहैंसज़ाजिसकीख़ताकुछभीनहीं
वहीआहेंवहीआँसूकेदोक़तरे'आजिज़'
क्यातिरीशाइ'रीमेंइनकेसिवाकुछभीनहीं
  - Kaleem Aajiz
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