mujhe is ka koi gilaa nahin ki bahaar ne mujhe kya diya | मुझे इस का कोई गिला नहीं कि बहार ने मुझे क्या दिया

  - Kaleem Aajiz
मुझेइसकाकोईगिलानहींकिबहारनेमुझेक्यादिया
तिरीआरज़ूतोनिकालदीतिराहौसलातोबढ़ादिया
गोसितमनेतेरेहरइकतरहमुझेना-उमीदबनादिया
येमिरीवफ़ाकाकमालहैकिनिबाहकरकेदिखादिया
कोईबज़्महोकोईअंजुमनयेशिआ'रअपनाक़दीमहै
जहाँरौशनीकीकमीमिलीवहींइकचराग़जलादिया
तुझेअबभीमेरेख़ुलूसकायक़ीनआएतोक्याकरूँँ
तिरेगेसुओंकोसँवारकरतुझेआइनाभीदिखादिया
मेरीशाइ'रीमेंतिरेसिवाकोईमाजराहैमुद्दआ'
जोतिरीनज़रकाफ़सानाथावोमिरीग़ज़लनेसुनादिया
येग़रीब'आजिज़'-ए-बे-वतनयेग़ुबार-ए-ख़ातिर-ए-अंजुमन
येख़राबजिसकेलिएहुआउसीबे-वफ़ानेभुलादिया
  - Kaleem Aajiz
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