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"Nadeem khan' Kaavish"
vo jab bhi yaad aaya to musalsal yaad aaya phir
vo jab bhi yaad aaya to musalsal yaad aaya phir | वो जब भी याद आया तो मुसलसल याद आया फिर
- "Nadeem khan' Kaavish"
वो
जब
भी
याद
आया
तो
मुसलसल
याद
आया
फिर
अचानक
ग़म-ज़दा
करके
मुझे
बेहद
रुलाया
फिर
पुराने
घर
की
सारी
यादों
को
तस्वीर
में
बाँधा
जलाया
दिल
मेरा
और
याद
से
ताला
लगाया
फिर
- "Nadeem khan' Kaavish"
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जहाँ
पंखा
चल
रहा
है
वहीं
रस्सी
भी
पड़ी
है
मुझे
फिर
ख़याल
आया,
अभी
ज़िन्दगी
पड़ी
है
Zubair Ali Tabish
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तेरी
यादों
की
धूप
आने
लगी
है
अभी
खुल
जाएगा
मौसम
हमारा
Subhan Asad
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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सफ़र
के
बाद
भी
ज़ौक़-ए-सफ़र
न
रह
जाए
ख़याल
ओ
ख़्वाब
में
अब
के
भी
घर
न
रह
जाए
Abhishek shukla
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तिरा
ख़याल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
कोई
मलाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
उदास
करती
है
अक्सर
तुम्हारी
याद
मुझे
मगर
ये
हाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
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Noon Meem Danish
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उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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गली
में
बैठे
हैं
उसकी
नज़र
जमाए
हुए
हमारे
बस
में
फ़क़त
इंतिज़ार
करना
है
Swapnil Tiwari
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गले
से
लगते
ही
जितने
गिले
थे
भूल
गए
वगर्ना
याद
थीं
हम
को
शिकायतें
क्या
क्या
Abdul Rahman Ehsaan Dehlavi
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फूल
ही
फूल
याद
आते
हैं
आप
जब
जब
भी
मुस्कुराते
हैं
Sajid Premi
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ख़याल
कब
से
छुपा
के
ये
मन
में
रक्खा
है
मिरा
क़रार
तुम्हारे
बदन
में
रक्खा
है
Siraj Faisal Khan
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नया
कोई
'आशिक़
बनाया
गया
ये
प्यारा
सा
रिश्ता
जलाया
गया
सजी
थी
उदासी
की
महफ़िल
जहाँ
वहाँ
पर
हमें
ही
बुलाया
गया
हमीं
थे
जो
क़िस्से
में
लाये
तुझे
हमीं
को
ये
क़िस्सा
सुनाया
गया
हटा
दी
थी
तस्वीर
उसने
मेरी
वहाँ
इक
ग़ज़ल
को
लगाया
गया
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"Nadeem khan' Kaavish"
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मुहब्बत
में
ज़रूरी
चीज़
का
चर्चा
हुआ
जैसे
सभी
हॅंसने
लगे
बेहद,
कहा
उसने
वफ़ा
जैसे
बिछड़ते
वक़्त
वो
ऐसे
गले
से
लिपटी
थी
'काविश'
कि
उसका
दिल
मेरे
सीने
में
आकर
धस
गया
जैसे
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"Nadeem khan' Kaavish"
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बिखरा
पड़ा
था
दर्द
समेटा
न
जा
सका
मंज़र
उस
एक
शाम
का
देखा
न
जा
सका
क्या
फ़ाइदा
फिर
ऐसी
पढ़ाई
का
ऐ
'नदीम'
मय्यत
में
अपने
बाप
की
बेटा
न
जा
सका
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"Nadeem khan' Kaavish"
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समुंदर
में
भी
वो
रवानी
नहीं
हैं
डूबो
दे
ये
इतना
भी
पानी
नहीं
है
"Nadeem khan' Kaavish"
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कहानी
सभी
को
पता
थी
मगर
थी
ख़्वाहिश
सभी
की
तमाशा
बने
"Nadeem khan' Kaavish"
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