hazaaron sadiyaan guzar chuki hain | हज़ारों सदियाँ गुज़र चुकी हैं

  - Kahkashan Tabassum
हज़ारोंसदियाँगुज़रचुकीहैं
किसीसमयमेंवोथीसतवंती
कहींसावित्री
कहींथीमीरा
हरएकयुगमें
अक़ीदतोंकीलहरमेंभीगी
तपस्याकेसेहरमेंगुम-सुम
रिवायतोंकेनशेमेंडूबी
तुम्हारेक़दमोंकीगर्दकोवोतिलकबनाती
दिएजलातीथीनक़्श-ए-पापर
जनमजनमकाअटूटरिश्ता
निबाहेजाती
हज़ारोंसदियोंसफ़रकियाहै
नज़रजमाए
तुम्हारेपीछे
तुम्हारेदुखपरदुखीहुईहै
तुम्हारेसुखपरसुखीहुईहै
मगरबताओ
हज़ारोंसदियोंकेदरमियाँकोईऐसालम्हा
जोतुमनेइसकेलिएजियाहो
सिवाएआँसूकेकोईजुगनू
कभीजोआँचलमेंजड़दियाहो
पुरानेबरगदपेएकधागा
कहींतोउसकेभीनामकाहो
अँधेरीताक़ोंपेउसकीख़ातिर
रखाहुआभीतोइकदियाहो
नहींहैकुछभी
कहींनहींहै
वोअपनीतारीख़मेंतुम्हारा
लिखेभीगरनाम
किसतरहसे
  - Kahkashan Tabassum
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