लहूकीमौजमेंजीनामिरेहिस्सेमेंआयाहै
भँवरबनताहुआदरियामिरेहिस्सेमेंआयाहै
सुनहरीअहद-ए-माज़ीकीरिवायतहमसेथीलेकिन
फ़क़तदीमकलगापन्नामिरेहिस्सेमेंआयाहै
परिंदेआशियानाछोड़केकिससम्तजानिकले
दुखोंकाइकशजरतन्हामिरेहिस्सेमेंआयाहै
रुपहलीचाँदनीउसकोअमीर-ए-शहरकीबख़्शिश
सुलगतीधूपकासहरामिरेहिस्सेमेंआयाहै
दरीचेखोलकेभीरुतकाअंदाज़ानकरपाऊँ
अजबदहशत-ज़दालम्हामिरेहिस्सेमेंआयाहै
'तबस्सुम'हाथमेंजुगनूलिएदर-दरभटकतीहूँ
किघाइलरातकानौहामिरेहिस्सेमेंआयाहै