gadho mat chaak pe rakh ke | गढ़ो मत चाक पे रख के

  - Kahkashan Tabassum
गढ़ोमतचाकपेरखके
कोईकूज़ासुराहीयाघड़ाप्याला
तुम्हारीसोचकेयेनक़्शहैंसारे
तुम्हारीख़्वाहिशोंकेरंगभरदिलकश
हमेंमिट्टीहीरहनेदो
हमेंकबचाहिएऐसीअता
बख़्शीहुईसूरत
हमेंमिट्टीहीरहनेदो
जोनमबारिशसेहो
ज़रख़ेज़होफ़स्लेंउगातीहो
ज़रासीबीजकोपौदाबनातीहो
किवोपौदाशजरबनकर
तुम्हारीरहगुज़रकोछाँवदेताहै
वहीरस्तातुम्हारीमंज़िलेंआसानकरताहै
हमेंमिट्टीहीरहनेदो
नुमाइशकेसजावटके
हमेंसामानक्यूँँहोना
नुमूसेक्यूँँहमेंमहरूमकरतेहो
तुम्हारेपाँवकेनीचेज़मींक़ाएमरहेजानाँ
हमेंमिट्टीहीरहनेदो
  - Kahkashan Tabassum
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