ai mire noor-e-nazar lakht-e-jigar jaan-e-sukoon | ऐ मिरे नूर-ए-नज़र लख़्त-ए-जिगर जान-ए-सुकूँ

  - Kafeel Aazar Amrohvi
मिरेनूर-ए-नज़रलख़्त-ए-जिगरजान-ए-सुकूँ
नींदआनातुझेदुश्वारनहींहैसोजा
ऐसेबद-बख़्तज़मानेमेंहज़ारोंहोंगे
जिनकोलोरीभीमुयस्सरनहींआतीहोगी
मेरीलोरीसेतिरीभूकनहींमिटसकती
मैंनेमानाकितुझेभूकसतातीहोगी
लेकिनमेरीउमीदोंकेहसींताज-महल
मैंतिरीभूककोलोरीहीसुनासकतीहूँ
तेरारहरहकेयेरोनानहींदेखाजाता
अबतुझेदूधनहींख़ूनपिलासकतीहूँ
भूकतोतेरामुक़द्दरहैग़रीबीकीक़सम
भूककीआगमेंजलजलकेयेरोनाकैसा
तूतोआदीहैइसीतरहसेसोजानेका
भूककीगोदमेंफिरआजसोनाकैसा
आजकीरातफ़क़ततूहीनहींतेरीतरह
औरकितनेहैंजिन्हेंभूकलगीहैबेटे
रोटियाँबंदहैंसरमाएकेतह-ख़ानोंमें
भूकइसमुल्ककेखेतोंमेंउगीहैबेटे
लोगकहतेहैंकिइसमुल्ककेग़द्दारोंने
सिर्फ़महँगाईबढ़ानेकोछुपायाहैअनाज
ऐसेनादारभीइसमुल्कमेंसोजातेहैं
हलचलाएहैंजिन्होंनेनहींपायाहैअनाज
तूहीइसमुल्कमेंनादारनहींहैसोजा
मिरेनूर-ए-नज़रलख़्त-ए-जिगरजान-ए-सुकूँ
नींदआनातुझेदुश्वारनहींहैसोजा
  - Kafeel Aazar Amrohvi
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