sukoon thoda sa paaya dhoop ke thande makaanon men | सुकूँ थोड़ा सा पाया धूप के ठंडे मकानों में

  - Kafeel Aazar Amrohvi
सुकूँथोड़ासापायाधूपकेठंडेमकानोंमें
बहुतजलनेलगाथाजिस्मबर्फ़ीलीचटानोंमें
कबआओगेयेघरनेमुझसेचलतेवक़्तपूछाथा
यहीआवाज़अबतकगूँजतीहैमेरेकानोंमें
जनाज़ामेरीतन्हाईकालेकरलोगजबनिकले
मैंख़ुदशामिलथाअपनीज़िंदगीकेनौहा-ख़्वानोंमें
मिरीमहरूमियाँजबपत्थरोंकेशहरसगुज़रीं
छुपायासरतिरीयादोंकेटूटेसाएबानोंमें
मुझेमेरीअनाकेख़ंजरोंनेक़त्लकरडाला
बहानायेभीइकबेचारगीकाथाबहानोंमें
तमाशाहमभीअपनीबेबसीकादेखलेतेहैं
तिरीयादोंकेफूलोंकोसजाकरफूलदानोंमें
ज़मींपैरोंकेछालेरोज़चुनलेतीहैपलकोंसे
तख़य्युलरोज़लेउड़ताहैमुझकोआसमानोंमें
मैंअपने-आपसेहरदमख़फ़ारहताहूँयूँँ'आज़र'
पुरानीदुश्मनीहोजिसतरहदोख़ानदानोंमें
  - Kafeel Aazar Amrohvi
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