ghataon ki udaasi pee raha hooñ | घटाओं की उदासी पी रहा हूँ

  - Kafeel Aazar Amrohvi
घटाओंकीउदासीपीरहाहूँ
मैंइकगहरासमुंदरबनगयाहूँ
तिरीयादोंकेअँगारोंकोअक्सर
तसव्वुरकेलबोंसेचूमताहूँ
कोईपहचाननेवालानहींहै
भरेबाज़ारमेंतन्हाखड़ाहूँ
मिराक़दकितनाऊँचाहोगयाहै
फ़लककीवुसअतोंकोनापताहूँ
वोयूँँमुझकोभुलानाचाहतेहैं
किजैसेमैंभीकोईहादिसाहूँ
बदलतेमौसमोंकीडाइरीसे
तिरेबारेमेंअक्सरपूछताहूँ
मिरेकमरेमेंयादेंसोरहीहैं
मैंसड़कोंपरभटकताफिररहाहूँ
उभरतेडूबतेसूरजकामंज़र
बसोंकीखिड़कियोंसेदेखताहूँ
किसीकीयादकेपत्तोंको'आज़र'
हवाओंसेबचाकररखरहाहूँ
  - Kafeel Aazar Amrohvi
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