gum-shuda tanhaaiyon ki raaz-daan achchhii to ho | गुम-शुदा तन्हाइयों की राज़-दाँ अच्छी तो हो

  - Kafeel Aazar Amrohvi
गुम-शुदातन्हाइयोंकीराज़-दाँअच्छीतोहो
मैंयहाँअच्छानहींहूँतुमवहाँअच्छीतोहो
वक़्त-ए-रुख़्सतभीगेभीगेइनदरीचोंकीक़सम
नूर-पैकरचाँद-सूरतगुलिस्ताँअच्छीतोहो
थरथरातेकाँपतेहोंटोंकोआयाकुछसुकूँ
ज़बाँरखतेहुएभीबे-ज़बाँअच्छीतोहो
धूपनेजबआरज़ूकेजिस्मकोनहलादिया
बनगईथींतुमवफ़ाकासाएबाँअच्छीतोहो
रातभरचिल्लेवज़ीफ़ेवोतहज्जुदऔरफज्र
मिलगयाअबतोसिलामेरीमाँअच्छीतोहो
इसज़मानेमेंजबअपनोंकाभरोसाहोफ़रेब
सोचतीरहतीहोमैंजाऊँकहाँअच्छीतोहो
झिलमिलातेहैंसितारेरातकोपलकोंपेजब
चाँदसेसुनतीहोमेरीदास्ताँअच्छीतोहो
वोतुम्हारीइकसहेलीबनगईथीजोदुल्हन
उससेख़तलिखकरकभीपूछानिहाँअच्छीतोहो
जबकहींजाओतोलिखदेनामुझेअपनापता
पूछनेवर्नामैंजाऊँगाकहाँअच्छीतोहो
तुमसदाअच्छीरहो'आज़र'कीहैबसयेदु'आ
फ़ासलेसदियोंकेहैंअबदरमियाँअच्छीतोहो
  - Kafeel Aazar Amrohvi
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