aao ab zabt aazmaayen ham | आओ अब ज़ब्त आज़माएँ हम

  - kaashif shakiil
आओअबज़ब्तआज़माएँहम
एकदूजेकोभूलजाएँहम
क्यूँइकबारऐसावस्लकरें
जिस्मकोदूरछोड़आएँहम
ज़िंदगीजबसफ़रहैदोदिनका
क्यूँइकहम-सफ़रबनाएँहम
हमकोअपनीकोईख़बरहीनहीं
ख़ुदकोकैसेतलाशलाएँहम
बड़ीमुश्किलसेएकजानमिली
कैसेइसजानकोगंवाएँहम
ख़ुद-कुशीक्यूँइसअदासकरें
उसकीआँखोंमेंडूबजाएँहम
तुमशिकस्ताबदनहोक्यूँ'काशिफ़'
अहल-ए-दुनियाकोक्याबताएँहम
  - kaashif shakiil
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