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Jitendra "jeet"
likhne baitha hai udaasi par koii ghazlen
likhne baitha hai udaasi par koii ghazlen | लिखने बैठा है उदासी पर कोई ग़ज़लें
- Jitendra "jeet"
लिखने
बैठा
है
उदासी
पर
कोई
ग़ज़लें
हो
रहे
हैं
मौत
के
आसार
कमरे
में
- Jitendra "jeet"
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जो
सावन
होते
सूखा,
उस
फूल
पे
लानत
हो
मुझ
पे
लानत,
तेरे
होते,
यार
उदासी
है
Siddharth Saaz
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अब
ये
सोचा
है
बस
ख़ुश
रहेंगे
दिल
उदासी
से
उकता
गया
है
Sapna Moolchandani
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हम
पे
एहसान
हैं
उदासी
के
मुस्कुराएँ
तो
शर्म
आती
है
Varun Anand
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रात
बेचैन
सी
सर्दी
में
ठिठुरती
है
बहुत
दिन
भी
हर
रोज़
सुलगता
है
तिरी
यादों
से
Amit Sharma Meet
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मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
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नाप
रहा
था
एक
उदासी
की
गहराई
हाथ
पकड़कर
वापस
लायी
है
तन्हाई
वस्ल
दिनों
को
काफ़ी
छोटा
कर
देता
है
हिज्र
बढ़ा
देता
है
रातों
की
लम्बाई
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Tanoj Dadhich
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हाँ
यही
मेरी
ख़ुद-शनासी
है
जिस्म
ताज़ा
है
रूह
बासी
है
सब
हँसी
को
हँसी
समझते
हैं
तुम
तो
समझो
हँसी
उदासी
है
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Armaan khan
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जिसने
बेचैनियाँ
दी
हैं
मुझे
बेचैन
रहे
मैंने
रो-रो
के
ख़ुदास
ये
दु'आ
माँगी
है
Shajar Abbas
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मेरे
महबूब
मत
बेचैन
होना
तेरे
क़ासिद
ने
ख़त
पहुँचा
दिया
है
Shajar Abbas
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मैं
वो
नाकाम
मुसव्विर
हूँ
जो
ख़ुद
के
हाथों
एक
उदासी
के
सिवा
कुछ
न
बना
पाया
है
Ashutosh Vdyarthi
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उसने
तो
इक
हद
तक
जाना
था
मुझको
जिस
हद
में
रह
उसने
पाना
था
मुझको
मैं
तो
नादाँ
था
जानू
भी
तो
कैसे
तुम
को
तो
आकर
समझाना
था
मुझको
उसने
ही
तोड़ा
था
फिर
ये
दिल
मेरा
जिसने
इक
दिन
सब
कुछ
माना
था
मुझको
अंतिम
वादे
की
ख़ातिर
ज़िंदा
हूँ
मैं
पहले
वादे
में
मर
जाना
था
मुझको
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Jitendra "jeet"
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इक
घड़ी
में
हमें
वो
भुलाने
लगे
इस
तरह
होश
मेरे
ठिकाने
लगे
थामकर
हाथ
ग़ैरों
का
वो
चल
दिए
जिनको
पाने
में
हमको
ज़माने
लगे
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Jitendra "jeet"
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वो
क्यूँँ
चाहे
अच्छा
मेरा
जिस
सेे
हुआ
है
झगड़ा
मेरा
अब
ग़ैरों
के
हाथों
में
है
जिस
दिल
पर
था
क़ब्ज़ा
मेरा
उसकी
माँग
सजाने
का
अब
टूट
गया
है
सपना
मेरा
जिसने
उसकी
माँग
भरी
है
दोस्त
हुआ
करता
था
मेरा
यार
ज़रा
भी
शर्म
न
आई
खाकर
तुझको
हिस्सा
मेरा
जीत
न
पाता
जिस
लड़की
से
पड़
जाता
है
पाला
मेरा
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Jitendra "jeet"
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जानते
हो
कि
तुम
ज़िन्दगी
हो
मेरी
तुम
ग़ज़ल
गीत
और
शा'इरी
हो
मेरी
वक़्त
रहते
उठा
लीजिए
फोन
को
क्या
पता
कॉल
ये
आख़िरी
हो
मेरी
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Jitendra "jeet"
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फल
खाने
में
जितना
मीठा
होता
है
उस
पर
उतने
ही
चाक़ू
के
साए
हैं
Jitendra "jeet"
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