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Jitendra "jeet"
dulhan bankar kab tum aaogi mere ghar
dulhan bankar kab tum aaogi mere ghar | दुल्हन बनकर कब तुम आओगी मेरे घर
- Jitendra "jeet"
दुल्हन
बनकर
कब
तुम
आओगी
मेरे
घर
मेरी
माँ
ने
सिलवा
के
सहरा
रक्खा
है
- Jitendra "jeet"
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भुला
के
दूल्हा
जिसे
बैठता
है
मंडप
में
वो
चेहरा
आख़िरी
फेरे
में
याद
आता
है
Shanawar Kiratpuri
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उनको
दूर
किया
जाता
है
जो
बरसों
के
साथी
हैं
और
अनजाने
लोगों
की
आपस
में
शादी
होती
है
Darpan
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मौत
के
साथ
हुई
है
मिरी
शादी
सो
'ज़फ़र'
उम्र
के
आख़िरी
लम्हात
में
दूल्हा
हुआ
मैं
Zafar Iqbal
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हम
चाह
कर
भी
टूटते
हैं
हर
दफ़ा
होता
यही
है
इश्क़
का
क्या
क़ायदा
हर
वक़्त
तुम
यूँँ
याद
आते
हो
मुझे
जैसे
नई
दुल्हन
करे
मिस
मायका
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Harsh saxena
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कमाल-ए-ज़ब्त
को
ख़ुद
भी
तो
आज़माऊँगी
मैं
अपने
हाथ
से
उस
की
दुल्हन
सजाऊँगी
Parveen Shakir
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तुम
भी
शादी
करके
हमको
भूल
गई
हम
भी
नाम
कमाने
में
मसरूफ़
हुए
Tanoj Dadhich
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तड़पना
हिज्र
तक
सीमित
नहीं
है
उसे
दुल्हन
भी
बनते
देखना
है
Anand Verma
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शतक
बनाने
को
बस
एक
रन
बनाना
है
वो
दोस्त
बन
गई
है
अब
दुल्हन
बनाना
है
Charagh Sharma
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तसव्वुर
तजरबा
तेवर
तमन्ना
और
तन्हाई
मिलेंगे
फूल
सब
इस
में
ग़ज़ल
गुलदान
है
यारों
पढ़ाई
नौकरी
शादी
फिर
उसके
बाद
दो
बच्चे
हमारी
ज़िन्दगी
इतनी
कहाँ
आसान
है
यारों
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Tanoj Dadhich
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दूल्हा-दूल्हन
को
नहीं
तकता
कोई
क्यूँँ
कि
उस
बारात
में
इक
चाँद
है
Shadab Javed
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मर
ना
जाएँ
हम
कहीं
आँखों
में
पानी
छोड़िए
कैसे
टूटा
दिल
हमारा
वो
कहानी
छोड़िए
हमको
फूलों
की
कताएँ
रास
कब
ही
आईं
हैं
नागफनियाँ
ही
हमें
दो
रातरानी
छोड़िए
आओ
अब
हम
खो
चलें
इक
दूसरे
के
इश्क़
में
किस
सेे
क्या
वादे
किए
बातें
पुरानी
छोड़िए
गर
किसी
का
होना
चाहे
फिर
यहीं
पर
रुकिए
भी
कुछ
समय
के
ही
लिए
तो
ये
रवानी
छोड़िए
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Jitendra "jeet"
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प्रेम
के
राग
को
गुनगुनाते
रहे
हम
तुम्हें
तुम
हमें
याद
आते
रहे
प्रेम
से
वो
मुसव्विर
तो
तस्वीर
में
रंग
भरता
रहा
हम
भराते
रहे
मुझको
मालूम
था
छोड़
कर
जाएँगे
फिर
भी
रिश्ते
दिलों
के
निभाते
रहे
इक़
तेरे
बाद
कोई
रुका
ही
नहीं
लोग
आते
रहे
लोग
जाते
रहे
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Jitendra "jeet"
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महँगा
हुआ
है
सब
यहाँ
इक
जान
छोड़कर
कुछ
भी
हमारे
देश
में
सस्ता
नहीं
रहा
Jitendra "jeet"
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इक
घड़ी
में
हमें
वो
भुलाने
लगे
इस
तरह
होश
मेरे
ठिकाने
लगे
थामकर
हाथ
ग़ैरों
का
वो
चल
दिए
जिनको
पाने
में
हमको
ज़माने
लगे
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Jitendra "jeet"
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फल
खाने
में
जितना
मीठा
होता
है
उस
पर
उतने
ही
चाक़ू
के
साए
हैं
Jitendra "jeet"
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