कमाल-ए-ज़ब्तकोख़ुदभीतोआज़माऊँगी
मैंअपनेहाथसेउसकीदुल्हनसजाऊँगी
सुपुर्दकरकेउसेचाँदनीकेहाथोंमें
मैंअपनेघरकेअँधेरोंकोलौटआऊँगी
बदनकेकर्बकोवोभीसमझनपाएगा
मैंदिलमेंरोऊँगीआँखोंमेंमुस्कुराऊँगी
वोक्यागयाकिरिफ़ाक़तकेसारेलुत्फ़गए
मैंकिससेरूठसकूँगीकिसेमनाऊँगी
अबउसकाफ़नतोकिसीऔरसेहुआमंसूब
मैंकिसकीनज़्मअकेलेमेंगुनगुनाऊँगी
वोएकरिश्ता-ए-बेनामभीनहींलेकिन
मैंअबभीउसकेइशारोंपेसरझुकाऊँगी
बिछादियाथागुलाबोंकेसाथअपनावजूद
वोसोकेउट्ठेतोख़्वाबोंकीराखउठाऊँगी
समाअ'तोंमेंघनेजंगलोंकीसाँसेंहैं
मैंअबकभीतिरीआवाज़सुननपाऊँगी
जवाज़ढूँडरहाथानईमोहब्बतका
वोकहरहाथाकिमैंउसकोभूलजाऊँगी