उसनेख़ुदकोइतनाअच्छारक्खाहै
यारग़ज़लमेंकोईमतलारक्खाहै
बारिशमेंतोयेआँखेंखुलकररोतीं
सोथैलेमेंअपनेछातारक्खाहै
लोगनशाकरनेजातेमय-ख़ानोंमें
मुझकोदोआँखोंनेबहकारक्खाहै
दुल्हनबनकरकबआओगीमेरेघर
मेरीमाँनेलाकरसेहरारक्खाहै
हमइसदौरनएके'आशिक़हैंजानाँ
हिजरतमेंभीतेराहिस्सारक्खाहै