kal jahaan deewaar thii hai aaj ik dar dekhiye | कल जहाँ दीवार थी है आज इक दर देखिए

  - Javed Akhtar
कलजहाँदीवारथीहैआजइकदरदेखिए
क्यासमाईथीभलादीवानेकेसरदेखिए
पुर-सुकूँलगतीहैकितनीझीलकेपानीपेबत
पैरोंकीबे-ताबियाँपानीकेअंदरदेखिए
छोड़करजिसकोगएथेआपकोईऔरथा
अबमैंकोईऔरहूँवापसतोकरदेखिए
ज़ेहन-ए-इंसानीइधरआफ़ाक़कीवुसअतउधर
एकमंज़रहैयहाँअंदरकिबाहरदेखिए
अक़्लयेकहतीहैदुनियामिलतीहैबाज़ारमें
दिलमगरयेकहताहैकुछऔरबेहतरदेखिए
  - Javed Akhtar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy