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Jaun Elia
zindagi kya hai ik kahaanii hai
zindagi kya hai ik kahaanii hai | ज़िंदगी क्या है इक कहानी है
- Jaun Elia
ज़िंदगी
क्या
है
इक
कहानी
है
ये
कहानी
नहीं
सुनानी
है
- Jaun Elia
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दूसरी
कोई
लड़की
ज़िंदगी
में
आएगी
कितनी
देर
लगती
है
उस
को
भूल
जाने
में
Bashir Badr
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आस्था
का
रंग
आ
जाए
अगर
माहौल
में
एक
राखी
ज़िंदगी
का
रुख़
बदल
सकती
है
आज
Unknown
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मुख़्तसर
होते
हुए
भी
ज़िन्दगी
बढ़
जाएगी
माँ
की
आँखें
चूम
लीजे
रौशनी
बढ़
जाएगी
Munawwar Rana
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तेरा
प्यार
मेरी
ज़िंदगी
में
बहार
ले
कर
आया
है
तेरे
आने
से
पहले
हर
दिन
पतझड़
हुआ
करता
था
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Vipul Kumar
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मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
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एक
ही
नदी
के
हैं
ये
दो
किनारे
दोस्तो
दोस्ताना
ज़िंदगी
से
मौत
से
यारी
रखो
Rahat Indori
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जान
भी
अब
दिल
पे
वारी
जाएगी
ये
बला
सर
से
उतारी
जाएगी
एक
पल
तुझ
बिन
गुज़रना
है
कठिन
ज़िन्दगी
कैसे
गुज़ारी
जाएगी
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Anjum Rehbar
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मुझे
ख़बर
नहीं
ग़म
क्या
है
और
ख़ुशी
क्या
है
ये
ज़िंदगी
की
है
सूरत
तो
ज़िंदगी
क्या
है
Ahsan Marahravi
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ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
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नहीं
आबो
हवा
में
ताज़गी
अब
दवा
की
सीसियों
में
ज़िन्दगी
है
Umesh Maurya
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अभी
इक
शोर
सा
उठा
है
कहीं
कोई
ख़ामोश
हो
गया
है
कहीं
है
कुछ
ऐसा
कि
जैसे
ये
सब
कुछ
इस
से
पहले
भी
हो
चुका
है
कहीं
तुझ
को
क्या
हो
गया
कि
चीज़ों
को
कहीं
रखता
है
ढूँढता
है
कहीं
जो
यहाँ
से
कहीं
न
जाता
था
वो
यहाँ
से
चला
गया
है
कहीं
आज
शमशान
की
सी
बू
है
यहाँ
क्या
कोई
जिस्म
जल
रहा
है
कहीं
हम
किसी
के
नहीं
जहाँ
के
सिवा
ऐसी
वो
ख़ास
बात
क्या
है
कहीं
तू
मुझे
ढूँड
मैं
तुझे
ढूँडूँ
कोई
हम
में
से
रह
गया
है
कहीं
कितनी
वहशत
है
दरमियान-ए-हुजूम
जिस
को
देखो
गया
हुआ
है
कहीं
मैं
तो
अब
शहर
में
कहीं
भी
नहीं
क्या
मिरा
नाम
भी
लिखा
है
कहीं
इसी
कमरे
से
कोई
हो
के
विदाअ'
इसी
कमरे
में
छुप
गया
है
कहीं
मिल
के
हर
शख़्स
से
हुआ
महसूस
मुझ
से
ये
शख़्स
मिल
चुका
है
कहीं
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Jaun Elia
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एक
ही
तो
हवस
रही
है
हमें
अपनी
हालत
तबाह
की
जाए
Jaun Elia
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बहुत
नज़दीक
आती
जा
रही
हो
बिछड़ने
का
इरादा
कर
लिया
क्या
Jaun Elia
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अपनी
मंज़िल
का
रास्ता
भेजो
जान
हम
को
वहाँ
बुला
भेजो
क्या
हमारा
नहीं
रहा
सावन
ज़ुल्फ़
याँ
भी
कोई
घटा
भेजो
नई
कलियाँ
जो
अब
खिली
हैं
वहाँ
उन
की
ख़ुश्बू
को
इक
ज़रा
भेजो
हम
न
जीते
हैं
और
न
मरते
हैं
दर्द
भेजो
न
तुम
दवा
भेजो
धूल
उड़ती
है
जो
उस
आँगन
में
उस
को
भेजो
सबा
सबा
भेजो
ऐ
फकीरो
गली
के
उस
गुल
की
तुम
हमें
अपनी
ख़ाक-ए-पा
भेजो
शफ़क़-ए-शाम-ए-हिज्र
के
हाथों
अपनी
उतरी
हुई
क़बा
भेजो
कुछ
तो
रिश्ता
है
तुम
से
कम-बख़्तों
कुछ
नहीं
कोई
बद-दुआ'
भेजो
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Jaun Elia
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सारी
दुनिया
के
ग़म
हमारे
हैं
और
सितम
ये
कि
हम
तुम्हारे
हैं
Jaun Elia
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