barkha rut men aate hain baadal | बरखा रुत में आते हैं बादल

  - Jauhar Rahmani
बरखारुतमेंआतेहैंबादल
पानीभरकरलातेहैंबादल
आँगनआँगनबरसातेहैं
खेतोंकोतरकरजातेहैं
प्यासीधरतीकेहोंटोंपर
भरजातेहैंअमृतलाकर
वर्षाकेयेदूतहैंबादल
करतेहैंधरतीकोजल-थल
फूलोंकोदेतेहैंतबस्सुम
कोयलकोदेतेहैंतरन्नुम
चम-चमबिजलीचमकातेहैं
एककिरनसीलहरातेहैं
शोरमचातेहैंगातेहैं
चारोंतरफ़येमंडलातेहैं
गीतोंकीरुतझूलोंकेदिन
कलियोंकीशबफूलोंकेदिन
वर्षाकीरुतभरकेलाते
बरसातेलहरातेजाते
  - Jauhar Rahmani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy