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Javed Aslam
yaad woh lautaa ga.e lekin mira
yaad woh lautaa ga.e lekin mira | याद वो लौटा गए लेकिन मिरा
- Javed Aslam
याद
वो
लौटा
गए
लेकिन
मिरा
एक
दिल
भी
था
वहाँ
खोया
हुआ
- Javed Aslam
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'अंजुम'
तुम्हारा
शहर
जिधर
है
उसी
तरफ़
इक
रेल
जा
रही
थी
कि
तुम
याद
आ
गए
Anjum Rehbar
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ये
शहर-ए-अजनबी
में
अब
किसे
जा
कर
बताएँ
हम
कहाँ
के
रहने
वाले
हैं
कहाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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जाते
जाते
आप
इतना
काम
तो
कीजे
मिरा
याद
का
सारा
सर-ओ-सामाँ
जलाते
जाइए
Jaun Elia
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
Josh Malihabadi
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जबकि
मैंने
इश्क़
में
मरने
का
वा'दा
कर
लिया
तब
लगा
मुझको
कि
मैंने
इश्क़
ज़्यादा
कर
लिया
Siddharth Saaz
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फिर
उसी
सितमगर
को
याद
कर
रहे
हैं
हम
यानी
बे-वजह
ग़म
ईजाद
कर
रहे
हैं
हम
Harsh saxena
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अपनी
तन्हाई
मिरे
नाम
पे
आबाद
करे
कौन
होगा
जो
मुझे
उस
की
तरह
याद
करे
Parveen Shakir
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नींद
के
दायरे
में
हाज़िर
हूँ
ख़्वाब
के
रास्ते
में
हाज़िर
हूँ
याद
है
इश्क़
था
कभी
मुझ
सेे
मैं
उसी
सिलसिले
में
हाज़िर
हूँ
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Ejaz Tawakkal Khan
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याद
भी
आता
नहीं
कुछ
भूलता
भी
कुछ
नहीं
या
बहुत
मसरूफ़
हूँ
मैं
या
बहुत
फ़ुर्सत
में
हूँ
Bharat Bhushan Pant
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बिना
ढूँढे,
बिना
चाहे,
कभी
ये
बर
नहीं
आती
ख़ुशी
चुन-बिन
के
मिलती
है
ख़ुशी
ख़ुद
घर
नहीं
आती
Javed Aslam
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दे
के
ख़ुशबू
कहीं
खो
जाते
हैं
अफ़सानों
में
गुल
जो
असली
हैं
कहाँ
टिकते
हैं
गुलदानों
में
Javed Aslam
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ढूँढ़
लूँगा
नज़र
उठा
तो
सही
प्यार
दिल
में
तिरे
छुपा
होगा
Javed Aslam
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हमको
पहले
से
पता
था
है
ख़सारा
लेकिन
फ़ैसले
दिल
के
ही
भारी
पड़े
मीज़ानों
में
Javed Aslam
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घर
मिरा
जगमगाया
करे
तू
यूँँ
ही
रोज़
आया
करे
चार
दिन
की
तो
हो
चाँदनी
फिर
अँधेरा
डराया
करे
मैं
बुलंदी
को
छूता
रहूँ
तोहमतें
वो
लगाया
करे
थाम
ले
हाथ
अपना
कोई
जब
क़दम
डगमगाया
करे
याद
अच्छी
मिरे
साथ
हो
तल्ख़ियाँ
धुँधलाया
करे
जब
भी
लौटूँ
मैं
घर
को
मिरे
माँ
खड़ी
मुस्कुराया
करे
देखा
सपने
में
जन्नत
में
थे
तुम
ही
थे
वो
ख़ुदाया
करे
तेरि
ख़ातिर
ऐ
'असलम'
यहाँ
क्यूँ
कोइ
वक़्त
ज़ाया'
करे
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Javed Aslam
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