ghar mira jagmagaya kare | घर मिरा जगमगाया करे

  - Javed Aslam
घरमिराजगमगायाकरे
तूयूँँहीरोज़आयाकरे
चारदिनकीतोहोचाँदनी
फिरअँधेराडरायाकरे
मैंबुलंदीकोछूतारहूँ
तोहमतेंवोलगायाकरे
थामलेहाथअपनाकोई
जबक़दमडगमगायाकरे
यादअच्छीमिरेसाथहो
तल्ख़ियाँधुँधलायाकरे
जबभीलौटूँमैंघरकोमिरे
माँखड़ीमुस्कुरायाकरे
देखासपनेमेंजन्नतमेंथे
तुमहीथेवोख़ुदायाकरे
तेरिख़ातिर'असलम'यहाँ
क्यूँकोइवक़्तज़ाया'करे
  - Javed Aslam
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