itni KHataa hui ki hanse the kisi ke saath | इतनी ख़ता हुई कि हँसे थे किसी के साथ

  - Jalal Aarif
इतनीख़ताहुईकिहँसेथेकिसीकेसाथ
अबरोरहेहैंबैठकेहमज़िंदगीकेसाथ
राहतकेसाथदुखहैतोआँसूहँसीकेसाथ
गहराहैकितनाग़मकात'अल्लुक़ख़ुशीकेसाथ
अपनाचलनबदलनेलगेवक़्तकीतरह
मिलतेथेजोहरइकसेबड़ीसादगीकेसाथ
साएसरोंपेमौतकेमंडलातेहैंमगर
हमफिरभीजीरहेहैंउलू-हिम्मतीकेसाथ
किसकोतुम्हारेदर्दसेदिल-बस्तगीनहीं
रौनक़हैअंजुमनकीइसीरौशनीकेसाथ
शायदवफ़ा-शनासनज़रकाक़ुसूरहै
'आरिफ़'सुलूकउनकाजोहैबे-रुख़ीकेसाथ
  - Jalal Aarif
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