be-hijaab aap ke aane ki zaroorat kya thii | बे-हिजाब आप के आने की ज़रूरत क्या थी

  - Jaimini Sarshar
बे-हिजाबआपकेआनेकीज़रूरतक्याथी
यूँँमिरेहोशउड़ानेकीज़रूरतक्याथी
हमसेकहनाथाडुबोदेतेसफ़ीनाअपना
इतनेतूफ़ानउठानेकीज़रूरतक्याथी
जबसेआयाहूँयहाँमोहर-ब-लबबैठाहूँ
मुझकोमहफ़िलमेंबुलानेकीज़रूरतक्याथी
अपनेकिरदार-ओ-अमलपरजोभरोसाहोता
आपकेनाज़उठानेकीज़रूरतक्याथी
यूँँभीहोसकतेथेआबादतिरेवीराने
हमकोदीवानाबनानेकीज़रूरतक्याथी
अश्क-ए-ख़ूँबअ'दमें'सरशार'बहानेथेअगर
ख़ून-ए-उश्शाक़बहानेकीज़रूरतक्याथी
  - Jaimini Sarshar
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