आनेमेंतेरेदोस्तबहुतदेरहोगई
बज़्म-ए-हयातअबज़बर-ओ-ज़ेरहोगई
पर्देकुछऐसेरू-ब-रूआँखोंकेआगए
दुनियामिरीनिगाहमेंअंधेरहोगई
दुनियाकेजब्र-ओ-जौरसेक्यूँँकरअमाँमिले
मैंचुपरहातोऔरभीवोशे'रहोगई
क्यापूछतेहैंअबदिल-ए-महज़ूँकाहालआप
उसकोमरेहुएतोबहुतदेरहोगई
हरचंदज़िंदगीनेसँभालेलिएबहुत
फिरभीअजलकेहाथसेवोज़ेरहोगई
'सरशार'ज़िक्र-ए-रौनक़-ए-बाग़-ए-जहाँनकर
उकतागयादिलइससेनज़रसेरहोगई