nazrein jhuki sawaal pe mire javaab men | नज़रें झुकी सवाल पे मेरे जवाब में

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
नज़रेंझुकीसवालपेमेरेजवाबमें
क्याक्याकहगईहैनिगाहेंहिजाबमें
मिज़राबहीसेसाज़मेंहैसारीनग़्मगी
हैज़िंदगीकालुत्फ़निहाँइज़्तिराबमें
राह-ए-वफ़ामेंउसकेक़दमडगमगाएँक्यूँ
देखाहैजिसनेतेराकरमभीइताबमें
सदक़ेनिगाह-ए-नाज़केहूँबे-नियाज़-ए-जाम
आएयेकैफ़-ए-हुस्नकहाँसेशराबमें
मैंरह-नवर्द-ए-शौक़हूँमुझकोकहाँयेहोश
राहतमेंगुज़रेदिलकियेगुज़रेअज़ाबमें
रहरहकेअबरुलातीहैपीरीमेंउनकीयाद
हँसहँसकेज़ख़्मखाएजोहमनेशबाबमें
येताज़गीयेरंगभीआयाकहाँसेहै
काँटोंकाख़ूनहीतोहैशायदगुलाबमें
पूरेकहाँहुएमिरेअरमाँगुनाहके
क्याख़ाकदिललगेगाअभीसेसवाबमें
बेदारियोंकीताबहमलासके'हबीब'
गुज़रीहयातएकमुसलसलसेख़्वाबमें
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
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