lutne waalon ka madad-gaar nahin hai koi | लुटने वालों का मदद-गार नहीं है कोई

  - Jahanzeb Sahir
लुटनेवालोंकामदद-गारनहींहैकोई
इसक़बीलेकाभीसरदारनहींहैकोई
मैंवोमहरूम-ए-तमन्नाहूँकिजिसकीख़ातिर
भरीबस्तीमेंअज़ादारनहींहैकोई
शाह-ज़ादीतिरीआँखोंमेंयेदहशतकैसी
फूलहैंहाथमेंतलवारनहींहैकोई
दिलकिसीवक़्तकिसीपरभीफ़िदाहोजाए
येवोकश्तीहैकिपतवारनहींहैकोई
आँखमेंअश्कनहींहैंतोयहीलगताहै
इकसिताराभीनुमूदारनहींहैकोई
मुझकोइसबातसेआताहैबहुतख़ौफ़यहाँ
सबफ़रिश्तेहैंगुनहगारनहींहैकोई
देखयेज़ख़्मतराशेहुएलगतेहैंतुझे
तूसमझताहैमिरायारनहींहैकोई
इकख़लाऔरबहुतगहराख़लाहै'साहिर'
देखआयाहूँमैंउसपारनहींहैकोई
  - Jahanzeb Sahir
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