hawa men tair rahe hain sahaab miTTi ke | हवा में तैर रहे हैं सहाब मिट्टी के

  - Jahanzeb Sahir
हवामेंतैररहेहैंसहाबमिट्टीके
ज़मींपेआएँगेइकदिनअज़ाबमिट्टीके
मुझेतोइससेकईआदमीबनानेथे
परिंदभीबनेदस्तियाबमिट्टीके
फ़लकसेनूरकीसूरतसवालउतरेथे
दिएज़मीननेलेकिनजवाबमिट्टीके
येकिसजहानमेंमुझकोगुमानलेआया
उभररहेहैंयहाँआफ़्ताबमिट्टीके
फिरएकरोज़उसेचाकपरउतारागया
फिरउसकेबा'दहुएदिनख़राबमिट्टीके
किएगएथेहज़ारोंहीतजरबातमगर
बदनरहेहैंफ़क़तकामयाबमिट्टीके
येउसकेनक़्शकफ़-ए-पाहैंऔरलगतेहैं
ज़मींपेजैसेखिलेहोंगुलाबमिट्टीके
किसीकेवास्तेसाहिरचराग़थेलेकिन
हवाकेहाथपेरक्खेथेख़्वाबमिट्टीके
  - Jahanzeb Sahir
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