main jab bhi koi manzar dekhta hooñ | मैं जब भी कोई मंज़र देखता हूँ

  - Jahangeer nayab
मैंजबभीकोईमंज़रदेखताहूँ
ज़राऔरोंसेहटकरदेखताहूँ
कभीमैंदेखताहूँउसकीरहमत
कभीमैंअपनीचादरदेखताहूँ
नज़रकाज़ावियाबदलाहैजबसे
मैंकूज़ेमेंसमुंदरदेखताहूँ
कभीमेरेलिएथेफूलजिनमें
अबउनहाथोंमेंपत्थरदेखताहूँ
सभीहैंमुब्तला-ए-ख़ुद-फ़रेबी
अजबदुनियाकामंज़रदेखताहूँ
नहींबदलावकेआसारकुछभी
अभीहालातअबतरदेखताहूँ
मुक़द्दरमेंलिखीवीरानियोंमें
ज़रासारंगभरकरदेखताहूँ
नज़रआताहैमदफ़नख़्वाहिशोंका
कभीजबअपनेअंदरदेखताहूँ
सुनाहैआगहैउसकासरापा
चलोबाहोँमेंभरकरदेखताहूँ
बसीरतमुझमेंहै'नायाब'ऐसी
मैंहरक़तरेमेंगौहरदेखताहूँ
  - Jahangeer nayab
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