ab agar aur chup rahoonga main | अब अगर और चुप रहूँगा मैं

  - Jahangeer nayab
अबअगरऔरचुपरहूँगामैं
फिरयेतयहेकिफटपड़ूँगामैं
एकऐसाभीवक़्तआएगा
तुमसुनोगेफ़क़तकहूँगामैं
नाज़उठाऊँगानाज़उठानेतक
तेरेआगेनहींबिछुँगामैं
देखनातेरीरहबरीकेबग़ैर
अपनीमंज़िलतलाशलूँगामैं
तुमकोजानाहैशौक़सेजाओ
अबख़ुशामदनहींकरूँँगामैं
जबकभीतुझसेसामनाहोगा
अजनबीकीतरहमिलूँगामैं
क्यासबबहैमिरीख़मोशीका
शोरथमनेदोफिरकहूँगामैं
आइनारखकेसामने'नायाब'
पागलोंकीतरहहँसूँगामैं
  - Jahangeer nayab
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