markaz men tha so dhyaan men rakha gaya mujhe | मरकज़ में था सो ध्यान में रक्खा गया मुझे

  - Jahangeer nayab
मरकज़मेंथासोध्यानमेंरक्खागयामुझे
हरवक़्तइम्तिहानमेंरक्खागयामुझे
इसकेसिवानहींहैमसीहामिराकोई
इकउम्रइसगुमानमेंरक्खागयामुझे
अतराफ़मेरेखींचागयाख़ौफ़काहिसार
डहतेहुएमकानमेंरक्खागयामुझे
मेरीज़बाँसेक़ुव्वत-ए-गोयाईछीनकर
गूँगोंकीदास्तानमेंरक्खागयामुझे
जौहर-शनासनज़रोंसेओझलनहींथामैं
क्यूँँकोएलेकीकानमेंरक्खागयामुझे
पहरेबिठादिएगएहरबातपरमिरी
दाँतोंतलेज़बानमेंरक्खागयामुझे
अच्छामज़ाक़हैयेमिरीसादगीकेसाथ
फैशन-ज़दादुकानमेंरक्खागयामुझे
करनाहीथासिपुर्दजोक़ातिलकोएकदिन
इसदर्जाक्यूँअमानमेंरक्खागयामुझे
चारोंतरफ़सेमुझपेज़मींतंगकीगई
कहनेकोआसमानमेंरक्खागयामुझे
तलवारकासवालयहीजंग-जूसेथा
क्यूँँआजतकमियानमेंरक्खागयामुझे
हरकतपेहैजुमूदतोइज़हारपरसुकूत
'नायाब'किसजहानमेंरक्खागयामुझे
  - Jahangeer nayab
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