अज़लसेबादा-ए-हस्तीकीअर्ज़ानीनहींजाती
इसअर्ज़ानीपेभीउसकीफ़रावानीनहींजाती
हुजूम-ए-रंज-ओ-ग़मनेइसक़दरमुझकोरुलायाहै
किअबराहतकीसूरतमुझसेपहचानीनहींजाती
हुईथीइकख़तासरज़दसोउसकोमुद्दतेंगुज़रीं
मगरअबतकमिरेदिलसेपशेमानीनहींजाती
चमन-ज़ार-ए-तमन्नाकाफ़क़तइकफूलमुरझाया
उसीदिनसेमिरेगुलशनकीवीरानीनहींजाती
मिरेअश्कोंसेक्यानिस्बततुम्हेंऐअंजुम-ए-गर्दूं
किउनकीरोज़-ए-रौशनमेंभीताबानीनहींजाती
मिरीवहशतमेंशायदआचलेअंदाज़-ए-रानाई
किज़ुल्फ़ोंकीतरहदिलकीपरेशानीनहींजाती