koo-e-haram se nikli hai koo-e-butaan ki raah | कू-ए-हरम से निकली है कू-ए-बुताँ की राह

  - Jafar Tahir
कू-ए-हरमसेनिकलीहैकू-ए-बुताँकीराह
हाएकहाँपेकेमिलीहैकहाँकीराह
सद-आसमाँब-दामनसद-कहकशाँ-ब-दोश
बाम-ए-बुलंद-ए-यारतिरेआस्ताँकीराह
मुल्क-ए-अदममेंक़ाफ़िला-ए-रूहजाबसा
हमदेखतेहीरहगएउसबद-गुमाँकीराह
लुटतारहाहैज़ौक़-ए-नज़रगामगामपर
अबक्यारहाहैपासजोहमलेंवहाँकीराह
ज़ुल्फ़-ए-ख़म-ब-ख़मतुझेअपनाहीवास्ता
हमवारहोनेपाएउम्र-ए-रवाँकीराह
गुल-हा-ए-रंग-रंगहैंअफ़्कार-ए-नौ-ब-नौ
येरहगुज़ार-ए-शेरहैकिसगुल्सिताँकीराह
'ताहिर'येमंज़िलेंयेमक़ामातयेहरम
अल्लाहरेयेराहयेकू-ए-बुताँकीराह
  - Jafar Tahir
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