laakh aawaara sahi shehron ke futpaathon pe ham | लाख आवारा सही शहरों के फ़ुटपाथों पे हम

  - Jaan Nisar Akhtar
लाखआवारासहीशहरोंकेफ़ुटपाथोंपेहम
लाशयेकिसकीलिएफिरतेहैंइनहाथोंपेहम
अबउन्हींबातोंकोसुनतेहैंतोआतीहैहँसी
बे-तरहईमानलेआएथेजिनबातोंपेहम
कोईभीमौसमहोदिलकीआगकमहोतीनहीं
मुफ़्तकाइल्ज़ामरखदेतेबरसातोंपेहम
ज़ुल्फ़सेछनतीहुईउसकेबदनकीताबिशें
हँसदियाकरतेथेअक्सरचाँदनीरातोंपेहम
अबउन्हेंपहचानतेभीशर्मआतीहैहमें
फ़ख़्रकरतेथेकभीजिनकीमुलाक़ातोंपेहम
  - Jaan Nisar Akhtar
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