ham ne kaatee hain tiri yaad men raatein akshar | हम ने काटी हैं तिरी याद में रातें अक्सर

  - Jaan Nisar Akhtar
हमनेकाटीहैंतिरीयादमेंरातेंअक्सर
दिलसेगुज़रीहैंसितारोंकीबरातेंअक्सर
औरतोकौनहैजोमुझकोतसल्लीदेता
हाथरखदेतीहैंदिलपरतिरीबातेंअक्सर
हुस्नशाइस्ता-ए-तहज़ीब-ए-अलमहैशायद
ग़म-ज़दालगतीहैंक्यूँँचाँदनीरातेंअक्सर
हालकहनाहैकिसीसेतोमुख़ातबहैकोई
कितनीदिलचस्पहुआकरतीहैंबातेंअक्सर
इश्क़रहज़नसहीइश्क़केहाथोंफिरभी
हमनेलुटतीहुईदेखीहैंबरातेंअक्सर
हमसेइकबारभीजीताहैजीतेगाकोई
वोतोहमजानकेखालेतेहैंमातेंअक्सर
उनसेपूछोकभीचेहरेभीपढ़ेहैंतुमने
जोकिताबोंकीकियाकरतेहैंबातेंअक्सर
हमनेउनतुंद-हवाओंमेंजलाएहैंचराग़
जिनहवाओंनेउलटदीहैंबिसातेंअक्सर
  - Jaan Nisar Akhtar
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