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Purnima Singh
aap meraa khayal chhodo naaon
aap meraa khayal chhodo naaon | आप मेरा ख़याल छोड़ो नाॅं
- Purnima Singh
आप
मेरा
ख़याल
छोड़ो
नाॅं
दर्द
है
ला-ज़वाल
छोड़ो
नाॅं
हो
गया
जो
लिखा
था
क़िस्मत
में
क्या
करें
अब
मलाल
छोड़ो
नाॅं
भरते-भरते
ये
भर
ही
जाएगा
ज़ख़्म
की
देखभाल
छोड़ो
नाॅं
जाने
क्या
क्या
छुपा
हो
दरिया
में
आप
पानी
में
जाल
छोड़ो
नाॅं
रूह
को
नोचती
है
तन्हाई
जिस्म
है
बे
ख़याल
छोड़ो
नाॅं
एक
अरसे
से
मेरे
कमरे
का
है
शिकस्ता
सा
हाल
छोड़ो
नाॅं
- Purnima Singh
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चाँद
चेहरा
ज़ुल्फ़
दरिया
बात
ख़ुशबू
दिल
चमन
इक
तुम्हें
दे
कर
ख़ुदा
ने
दे
दिया
क्या
क्या
मुझे
Bashir Badr
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ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
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यहाँ
तुम
देखना
रुतबा
हमारा
हमारी
रेत
है
दरिया
हमारा
Kushal Dauneria
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तूफ़ानों
से
आँख
मिलाओ
सैलाबों
पे
वार
करो
मल्लाहों
का
चक्कर
छोड़ो
तैर
के
दरिया
पार
करो
Rahat Indori
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हम
भी
दरिया
हैं
हमें
अपना
हुनर
मालूम
है
जिस
तरफ़
भी
चल
पड़ेंगे
रास्ता
हो
जाएगा
Bashir Badr
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इक
रोज़
इक
नदी
के
किनारे
मिलेंगे
हम
इक
दूसरे
से
अपना
पता
पूछते
हुए
Shahbaz Rizvi
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ये
इश्क़
नहीं
आसाँ
इतना
ही
समझ
लीजे
इक
आग
का
दरिया
है
और
डूब
के
जाना
है
Jigar Moradabadi
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आँख
आँसू
को
ऐसे
रस्ता
देती
है
जैसे
रेत
गुज़रने
दरिया
देती
है
कोई
भी
उसको
जीत
नहीं
पाया
अब
तक
वैसे
वो
हर
एक
को
मौक़ा
देती
है
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Kafeel Rana
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बीच
भँवर
से
कश्ती
कैसे
बच
निकली
बहुत
दिनों
तक
दरिया
भी
हैरान
रहा
Madan Mohan Danish
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सदा
लपेट
के
दिल
जाएँगे
वगरना
नहीं
पहाड़
आह
से
हिल
जाएँगे
वगरना
नहीं
वो
आज
दरिया
से
लड़ने
की
ठान
कर
गए
थे
कहीं
किनारे
पे
मिल
जाएँगे
वगरना
नहीं
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Nadeem Bhabha
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यूँँ
ही
दिन
रात
ख़सारा
होगा
फिर
तो
मुश्किल
से
गुज़ारा
होगा
टूटे
ख़्वाबों
को
बना
करके
ग़ज़ल
उसने
पन्नों
पे
उतारा
होगा
एक
लहज़े
में
बिखर
कर
उसने
जाने
कितनों
को
सॅंवारा
होगा
तुझको
देखेंगे
किसी
और
के
साथ
हम
को
कैसे
ये
गवारा
होगा
ज़िंदगी
रास
हमें
आएगी
जब
वो
इक
शख़्स
हमारा
होगा
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Purnima Singh
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ज़ख़्म
ईजाद
करके
देखा
है
ख़ुद
को
बर्बाद
करके
देखा
है
मांगने
से
तो
कुछ
नहीं
मिलता
हम
ने
फ़रियाद
करके
देखा
है
कोई
फिर
लौट
कर
नहीं
आता
हम
ने
आज़ाद
करके
देखा
है
इक
अजब
सी
ख़ुशी
मिली
हमको
ख़ुद
को
नाशाद
करके
देखा
है
दिल
ने
ज़ख़्मों
की
बात
छेड़ी
थी
सो
तुझे
याद
करके
देखा
है
हिज्र
में
रक़्स
तजरिबा
है
इक
जो
तिरे
बाद
करके
देखा
है
ख़त्म
होती
नहीं
है
वीरानी
दिल
को
आबाद
करके
देखा
है
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Purnima Singh
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रस्में
दुनिया
में
ढल
न
पाए
हम
साथ
में
इसके
चल
न
पाए
हम
सबकी
क़िस्मत
बदलते
देखी
है
अपनी
क़िस्मत
बदल
न
पाए
हम
सबको
वो
मिल
गया
मचलने
से
जिसकी
ख़ातिर
मचल
न
पाए
हम
बे
वफ़ाई
ने
उसकी
यूँँ
तोड़ा
कि
अभी
तक
सँभल
न
पाए
हम
सबको
छोड़ा
था
उसकी
ख़ातिर
पर
साथ
उसके
भी
चल
न
पाए
हम
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Purnima Singh
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