ochi thii nazar hi jab to bhala armaan-e-tamaasha kya karte | ओछी थी नज़र ही जब तो भला अरमान-ए-तमाशा क्या करते

  - Ijtiba Rizvi
ओछीथीनज़रहीजबतोभलाअरमान-ए-तमाशाक्याकरते
ज़र्रेकेजिगरतकजासकेहमहिम्मत-ए-सहराक्याकरते
रातउसनेनक़ाबउल्टीजोज़रासबबंदतअ'य्युनटूटगए
वोवोरहाहमहमरहेशौक़-ए-तमाशाक्याकरते
बे-कैफ़हमाराजीनाथाबे-मयकासाग़रपीनाथा
उसदिलमेंतमन्नाहीउगीहमतर्क-ए-तमन्नाक्याकरते
तुमनेहीचमनकोलूटलियातुमनेहीनशेमनफूँकदिया
हमशुक्रकीहिम्मतकरसकेशर्मागएशिकवाकियाकरते
  - Ijtiba Rizvi
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