apna saara bojh zameen par fenk diya | अपना सारा बोझ ज़मीं पर फेंक दिया

  - Iftikhar Naseem
अपनासाराबोझज़मींपरफेंकदिया
तुझकोख़तलिक्खाऔरलिखकरफेंकदिया
ख़ुदकोसाकिनदेखाठहरेपानीमें
जानेक्याकुछसोचकेपत्थरफेंकदिया
दीवारेंक्यूँँख़ालीख़ालीलगतीहैं
किसनेसबकुछघरसेबाहरफेंकदिया
मैंतोअपनाजिस्मसुखानेनिकलाथा
बारिशनेफिरमुझपेसमुंदरफेंकदिया
वोकैसाथाउसकोकहाँपरदेखाथा
अपनीआँखोंनेहरमंज़रफेंकदिया
  - Iftikhar Naseem
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