ham haath nahin milaayenge | हम हाथ नहीं मिलाएँगे

  - Iftikhar Bukhari
हमहाथनहींमिलाएँगे
येवक़्तदिलोंकोमिलानेकाहै
हमनेतन्हाईओढ़ली
औरइंसानियतकीइकाईकोसिरहानाबनालिया
हमसफ़रनहींकरेंगे
जबतकहमारेसंदूक़
ख़ूब-सूरततहाइफ़सेतहीहैं
हाजतसेज़ियादाख़रीदेंगेबेचेंगे
किदुकानेंऔरबाज़ार
फ़रावानीसेभरेरहें
बग़ैरज़रूरतघरोंसेनहींनिकलेंगे
किशाहराहेंमैदानऔरबाग़जल्दआबादहूँ
अगरज़रूरीहुआतो
किसीख़ामोशकोनेमेंमरेंगे
किज़मीनहमारेबादभीगीतोंसेगूँजतीरहे
  - Iftikhar Bukhari
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