hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tehzeeb Hafi
sehra se ho ke baagh men aaya hooñ sair ko
sehra se ho ke baagh men aaya hooñ sair ko | सहरा से हो के बाग़ में आया हूँ सैर को
- Tehzeeb Hafi
सहरा
से
हो
के
बाग़
में
आया
हूँ
सैर
को
हाथों
में
फूल
हैं
मेरे
पाँव
में
रेत
है
- Tehzeeb Hafi
Download Sher Image
"उसके
हाथ
में
फूल
है"
मत
कहिए,
कहिए
उसका
हाथ
है
फूल
को
फूल
बनाने
में
Charagh Sharma
Send
Download Image
72 Likes
जाने
किस
किस
का
ख़याल
आया
है
इस
समुंदर
में
उबाल
आया
है
एक
बच्चा
था
हवा
का
झोंका
साफ़
पानी
को
खंगाल
आया
है
Read Full
Dushyant Kumar
Send
Download Image
33 Likes
ईद
पर
सब
फूल
लेकर
आ
रहे
हैं
हो
गए
हैं
ज़िंदगी
के
ख़त्म
रमज़ान
Aves Sayyad
Send
Download Image
3 Likes
बहरस
ख़ारिज
हूँ
ये
मालूम
है
पर
तुम्हारी
ही
ग़ज़ल
का
शे'र
हूँ
Gyan Prakash Akul
Send
Download Image
42 Likes
ये
हवा
सारे
चराग़ों
को
उड़ा
ले
जाएगी
रात
ढलने
तक
यहाँ
सब
कुछ
धुआँ
हो
जाएगा
Naseer Turabi
Send
Download Image
31 Likes
मत
पूछो
कितना
ग़मगीं
हूँ
गंगा
जी
और
जमुना
जी
ज़्यादा
तुमको
याद
नहीं
हूँ
गंगा
जी
और
जमुना
जी
अमरोहे
में
बान
नदी
के
पास
जो
लड़का
रहता
था
अब
वो
कहाँ
है
मैं
तो
वहीं
हूँ
गंगा
जी
और
जमुना
जी
Read Full
Jaun Elia
Send
Download Image
95 Likes
हज़ार
बर्क़
गिरे
लाख
आँधियाँ
उट्ठें
वो
फूल
खिल
के
रहेंगे
जो
खिलने
वाले
हैं
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
76 Likes
फ़ातिहा
पढ़
कि
फूल
रख
मुझ
पर
आ
गया
है
तो
कुछ
जता
अफ़सोस
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
30 Likes
नाम
लिख
लिख
के
तिरा
फूल
बनाने
वाला
आज
फिर
शबनमीं
आँखों
से
वरक़
धोता
है
Ghulam Mohammad Qasir
Send
Download Image
24 Likes
तुम
न
टूटो
कभी
भी
इसलिए
पत्थर
है
कहा
मैं
तुम्हें
फूल
जो
कहता
तो
बिखर
जाती
तुम
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
मैंने
जो
कुछ
भी
सोचा
हुआ
है,
मैं
वो
वक़्त
आने
पे
कर
जाऊँगा
तुम
मुझे
ज़हर
लगते
हो
और
मैं
किसी
दिन
तुम्हें
पी
के
मर
जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
279 Likes
कौन
तुम्हारे
पास
से
उठ
कर
घर
जाता
है
तुम
जिसको
छू
लेती
हो
वो
मर
जाता
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
203 Likes
गले
तो
लगना
है
उस
से
कहो
अभी
लग
जाए
यही
न
हो
मेरा
उस
के
बग़ैर
जी
लग
जाए
मैं
आ
रहा
हूँ
तेरे
पास
ये
न
हो
कि
कहीं
तेरा
मज़ाक़
हो
और
मेरी
ज़िंदगी
लग
जाए
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
262 Likes
एक
और
शख़्स
छोड़कर
चला
गया
तो
क्या
हुआ
हमारे
साथ
कौन
सा
ये
पहली
मर्तबा
हुआ।
अज़ल
से
इन
हथेलियों
में
हिज्र
की
लकीर
थी
तुम्हारा
दुख
तो
जैसे
मेरे
हाथ
में
बड़ा
हुआ
मेरे
खिलाफ
दुश्मनों
की
सफ़
में
है
वो
और
मैं
बहुत
बुरा
लगूँगा
उस
पर
तीर
खींचता
हुआ
Read Full
Tehzeeb Hafi
Download Image
76 Likes
घर
में
भी
दिल
नहीं
लग
रहा
काम
पर
भी
नहीं
जा
रहा
जाने
क्या
ख़ौफ़
है
जो
तुझे
चूम
कर
भी
नहीं
जा
रहा
रात
के
तीन
बजने
को
है
यार
ये
कैसा
महबूब
है
जो
गले
भी
नहीं
लग
रहा
और
घर
भी
नहीं
जा
रहा
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
290 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Intiqam Shayari
Nazakat Shayari
Gulaab Shayari
Tanz Shayari
Shajar Shayari