meraa maalik jab taufeeq arzaani karta hai | मेरा मालिक जब तौफ़ीक़ अर्ज़ानी करता है

  - Iftikhar Arif
मेरामालिकजबतौफ़ीक़अर्ज़ानीकरताहै
गहरेज़र्दज़मीनकीरंगतधानीकरताहै
बुझतेहुएदिएकीलौऔरभीगीआँखकेबीच
कोईतोहैजोख़्वाबोंकीनिगरानीकरताहै
मालिकसेऔरमिट्टीसेऔरमाँसेबाग़ीशख़्स
दर्दकेहरमीसाक़सेरु-गर्दानीकरताहै
यादोंसेऔरख़्वाबोंसेऔरउम्मीदोंसेरब्त
होजाएतोजीनेमेंआसानीकरताहै
क्याजानेकबकिससाअतमेंतब्अ'रवाँहोजाए
येदरियाबे-मौसमभीतुग़्यानीकरताहै
दिलपागलहैरोज़नईनादानीकरताहै
आगमेंआगमिलाताहैफिरपानीकरताहै
  - Iftikhar Arif
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