sun sun ke chup hain taana-e-aghyaar kya karen | सुन सुन के चुप हैं ताना-ए-अग़्यार क्या करें

  - Iftikhar Ahmad Fakhr
सुनसुनकेचुपहैंताना-ए-अग़्यारक्याकरें
मजबूरहैंवफ़ाकेपरस्तारक्याकरें
रोएँलहूदीदा-ए-ख़ूँ-बारक्याकरें
मजरूहजबहोइश्क़कापिंदारक्याकरें
इज़हार-ए-हक़केवास्तेमंसूरअबकहाँ
बातिल-परस्तहौसला-ए-दारक्याकरें
होजाएशश-जिहतकहींयेधुआँधुआँ
जोश-ए-जुनूँमेंआह-ए-शरर-बारक्याकरें
साक़ीयेतिश्नगीसर-ए-मय-ख़ानाता-ब-कै
जाम-ओ-सुबूतोड़ेंतोमय-ख़्वारक्याकरें
जबआस्तीन-ए-शैख़-ए-हरमग़र्क़-ए-बादाहो
लोगएहतिराम-ए-जुब्बा-ओ-दस्तारक्याकरें
हम'फ़ख़्र'सरकशोंकेआगेकभीझुके
रखतेहैंइकतबीअ'त-ए-ख़ुद्दारक्याकरें
  - Iftikhar Ahmad Fakhr
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