KHvaab aankhoñ se zabaan se har kahaanii le gaya | ख़्वाब आँखों से ज़बाँ से हर कहानी ले गया

  - Iffat Zarrin
ख़्वाबआँखोंसेज़बाँसेहरकहानीलेगया
मुख़्तसरयेहैवोमेरीज़िंदगानीलेगया
फूलसेमौसमकीबरसातेंहवाओंकीमहक
अबकेमौसमकीवोसबशा
मेंसुहानीलेगया
देगयामुझकोसराबोंकासुकूत-ए-मुस्तक़िल
मेरेअश्कोंसेवोदरियाकीरवानीलेगया
ख़ाकअबउड़नेलगीमैदानसहराहोगए
रेतकातूफ़ानदरियाओंसेपानीलेगया
कौनपहचानेगा'ज़र्रीं'मुझकोइतनीभीड़में
मेरेचेहरेसेवोअपनीहरनिशानीलेगया
  - Iffat Zarrin
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy