ज़ेहनओदिलकेफ़ासलेथेहमजिन्हेंसहतेरहे
एकहीघरमेंबहुतसेअजनबीरहतेरहे
दूरतकसाहिलपेदिलकेआबलोंकाअक्सथा
कश्तियाँशोलोंकीदरियामोमकेबहतेरहे
कैसेपहुँचेमंज़िलोंतकवहशतोंकेक़ाफ़िले
हमसराबोंसेसफ़रकीदास्ताँकहतेरहे
आनेवालेमौसमोंकोताज़गीमिलतीगई
अपनीफ़स्ल-ए-आरज़ूकोहमख़िज़ाँकहतेरहे
कैसेमिटपाएँगी'ज़र्रीं'येहदेंअफ़्कारकी
टूटकरदिलकेकिनारेदूरतकबहतेरहे