क्यूँनतड़पादेजहाँकोसोख़्ता-जानोंकीबात
मुज़्तरिबकरतीहैइंसानोंकोइंसानोंकीबात
दिल-शिकस्ताहौसलेहैराँनिगाह-ए-आरज़ू
ज़िंदगीकोरासकबआईसनम-ख़ानोंकीबात
तीरगी-ए-गेसू-ए-हस्तीकाआलमक्याकहें
दिलहीदिलमेंघुटकेरहजातीहैअरमानोंकीबात
आमहोताजारहाहैक़िस्सा-ए-जाम-ओ-सुबू
खुलरहीहैअहल-ए-दिलपरआजपैमानोंकीबात
अबनिखरतेजारहेहैंआरिज़-ए-हुस्न-ए-हयात
होरहीहैसुर्ख़-रूख़ूँ-गश्ताअरमानोंकीबात
तिश्नगीलौदेरहीहैआरज़ू-ए-ज़ीस्तको
ढलरहीहैआगकेशो'लोंमेंपैमानोंकीबात
तीरगी-ए-दह्रमेंऐश-ओ-तरबकीदास्ताँ
'फ़ैज़'वीरानेमेंहोजैसेगुलिस्तानोंकीबात