hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shivam Mishra
is raat ke aaghosh men
is raat ke aaghosh men | इस रात के आग़ोश में
- Shivam Mishra
इस
रात
के
आग़ोश
में
है
कौन
अब
तो
होश
में
ख़ामोश
हैं
सब
जाम
ले
यादें
ही
हैं
अब
जोश
में
- Shivam Mishra
Download Ghazal Image
उस
के
ख़त
रात
भर
यूँँ
पढ़ता
हूँ
जैसे
कल
इम्तिहान
हो
मेरा
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
56 Likes
हिज्र
में
अब
वो
रात
हुई
है
जिस
में
मुझको
ख़्वाबों
में
रेल
की
पटरी,
चाकू,
रस्सी,
बहती
नदियाँ
दिखती
हैं
Read Full
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
2 Likes
रात
भर
ता'रीफ़
मैंने
की
तुम्हारे
रूप
की
चाँद
इतना
जल
गया
सुनकर
कि
सूरज
हो
गया
Chandan Rai
Send
Download Image
28 Likes
है
किसी
जालिम
उदू
की
घात
दरवाज़े
में
है
या
मसाफ़त
है
नई
या
रात
दरवाज़े
में
है
जिस
तरहा
उठती
है
नजरें
बे-इरादा
बार-बार
साफ़
लगता
है
के
कोई
बात
दरवाजे
में
Read Full
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
19 Likes
जब
चली
ठंडी
हवा
बच्चा
ठिठुर
कर
रह
गया
माँ
ने
अपने
ला'ल
की
तख़्ती
जला
दी
रात
को
Sibt Ali Saba
Send
Download Image
23 Likes
वो
मुझको
जिस
तरह
से
दुआएँ
था
दे
रहा
मैं
तो
समझ
गया
ये
क़यामत
की
रात
हैं
AMAN RAJ SINHA
Send
Download Image
16 Likes
ये
हवा
सारे
चराग़ों
को
उड़ा
ले
जाएगी
रात
ढलने
तक
यहाँ
सब
कुछ
धुआँ
हो
जाएगा
Naseer Turabi
Send
Download Image
31 Likes
जैसे
देखा
हो
आख़िरी
सपना
रात
इतनी
उदास
थीं
आँखें
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
27 Likes
उसे
यूँँ
चेहरा-चेहरा
ढूँढता
हूँ
वो
जैसे
रात-दिन
सड़कों
पे
होगा
Shariq Kaifi
Send
Download Image
36 Likes
इसी
खंडर
में
कहीं
कुछ
दिए
हैं
टूटे
हुए
इन्हीं
से
काम
चलाओ
बड़ी
उदास
है
रात
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
27 Likes
Read More
बना
बेहतर
लिया
जो
आज
हर
पल
को
तेरा
ही
वक़्त
होगा
फिर
नए
कल
को
Shivam Mishra
Send
Download Image
5 Likes
हैं
दरारें
बहुत
दर्द
की
मुझ
में
भी
पर
बुरादा
ख़मोशी
के
डाले
हूँ
मैं
Read Full
Shivam Mishra
Send
Download Image
4 Likes
सबको
हैरत
रही
उनके
दीदार
से
हमको
ज़ख़्मी
किया
अपने
किरदार
से
हाल
पूछो
तो
है
ख़ैरियत
सब
यहाँ
हैं
मगर
याद
में
उनके
बीमार
से
Read Full
Shivam Mishra
Send
Download Image
2 Likes
हाल
पूछो
अगर
तो
तन्हा
हूँ
है
यही
इक
ख़याल
आ
जाओ
Shivam Mishra
Send
Download Image
2 Likes
शाम
बाँहों
में
उनकी
गुज़र
जाने
दे
वक़्त
अब
मुझको
थोड़ा
ठहर
जाने
दे
चल
चुका
हूँ
बहुत
मंज़िलों
के
लिए
भूल
राहों
के
अब
से
सफ़र
जाने
दे
रेत
साहिल
की
उड़ना
न
चाहे
है
अब
लहर
ख़ुद
को
किनारे
उतर
जाने
दे
है
तमन्ना
यही
फूल
बनकर
अभी
मुझको
राहों
में
उनकी
बिखर
जाने
दे
Read Full
Shivam Mishra
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Romantic Shayari
Faith Shayari
Bimar Shayari
Murder Shayari
Zindagi Shayari