na sahi gar unhen khayal nahin | न सही गर उन्हें ख़याल नहीं

  - Hasrat Mohani
सहीगरउन्हेंख़यालनहीं
किहमाराभीअबवोहालनहीं
यादउन्हेंवादा-ए-विसालनहीं
कबकियाथायहीख़यालनहीं
ऐसेबिगड़ेवोसुनकेशौक़कीबात
आजतकहमसेबोल-चालनहीं
मुझकोअबग़मयेहैकिबादमिरे
ख़ातिर-ए-यारबे-मलालनहीं
अफ़्व-ए-हक़काहैमय-कशोंपेनुज़ूल
रेज़़िश-ए-अब्र-ए-बरशगालनहीं
हमपेक्यूँँअर्ज़-ए-हाल-ए-दिलपेइताब
एलचीकोकहींज़वालनहीं
सुनकेमुझसेवोख़्वाहिश-ए-पाबोस
हँसकेकहनेलगेमजालनहीं
दिलकोहैयादशौक़कावोहुनर
जिससेबढ़करकोईकमालनहीं
आपनादिमहोंकि'हसरत'से
शिकवा-ए-ग़मकाएहतिमालनहीं
  - Hasrat Mohani
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